भारत त्योहारों का देश है, और होली के ठीक 5 दिन बाद आने वाला रंग पंचमी (Rang Panchami) का पर्व अपनी एक अलग ही छटा बिखेरता है। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे राज्यों में तो इसकी रौनक होली से भी कहीं ज्यादा होती है। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि 2026 में रंग पंचमी कब है, इसका शुभ मुहूर्त क्या है और इसे क्यों मनाया जाता है, तो यह आर्टिकल आपके लिए है।

रंग पंचमी कब है
रंग पंचमी कब है


​रंग पंचमी 2026 की सही तिथि (Rang Panchami 2026 Date)

​हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को रंग पंचमी मनाई जाती है। साल 2026 में यह पर्व 08 मार्च, रविवार को मनाया जाएगा।

  • पंचमी तिथि प्रारंभ: 07 मार्च 2026, शाम 07:17 बजे से।

  • पंचमी तिथि समाप्त: 08 मार्च 2026, रात 09:10 बजे तक।

  • उदयातिथि के अनुसार: क्योंकि पंचमी तिथि का सूर्योदय 8 मार्च को होगा, इसलिए मुख्य उत्सव इसी दिन मनाया जाएगा।

​रंग पंचमी 2026 शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)

​इस दिन देवी-देवताओं की पूजा के लिए कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं:

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:08 बजे से 12:56 बजे तक।

  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 बजे से 03:17 बजे तक।

  • अमृत काल: सुबह 08:07 बजे से 11:04 बजे तक (पूजा के लिए सबसे उत्तम समय)।

​रंग पंचमी का महत्व: क्यों कहते हैं इसे 'देवताओं की होली'?

​धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रंग पंचमी के दिन स्वर्ग में देवी-देवता होली खेलते हैं। इसीलिए इसे 'देव होली' भी कहा जाता है।

  1. सकारात्मक ऊर्जा का संचार: माना जाता है कि इस दिन हवा में गुलाल उड़ाने से वातावरण में मौजूद 'तमोगुण' और 'रजोगुण' का नाश होता है और 'सतोगुण' (सकारात्मकता) का प्रभाव बढ़ता है।
  2. श्री कृष्ण और राधा रानी की पूजा: ब्रज और राजस्थान के कई हिस्सों में इस दिन भगवान कृष्ण और राधा जी को विशेष रूप से रंग अर्पित किया जाता है।
  3. मां लक्ष्मी की कृपा: कई लोग इस दिन धन की देवी लक्ष्मी जी की पूजा भी करते हैं, जिससे घर में सुख-समृद्धि आती है।

​विभिन्न राज्यों में रंग पंचमी का जश्न

  • इंदौर (मध्य प्रदेश): इंदौर की रंग पंचमी पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। यहाँ ऐतिहासिक राजवाड़ा पर 'गेर' (Ger) निकाली जाती है, जिसमें लाखों की संख्या में लोग शामिल होते हैं और नगर निगम द्वारा पानी की मिसाइलों से रंगों की बौछार की जाती है।
  • महाराष्ट्र: यहाँ इसे 'धुलिवंदन' के बाद का सबसे बड़ा रंगों का उत्सव माना जाता है। खासकर मछुआरा समुदाय (Koli community) इसे बड़े धूमधाम से नाच-गाकर मनाता है।
  • राजस्थान: जैसलमेर जैसे शहरों में मंदिरों में विशेष उत्सव और लोक संस्कृति के कार्यक्रम आयोजित होते हैं।

रंग पंचमी पर क्या करें? (Puja Vidhi & Rituals)

  1. ​सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें।
  2. ​अपने इष्ट देव, भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाएं।
  3. ​देवताओं को अबीर और गुलाल अर्पित करें।
  4. ​इस दिन सात्विक भोजन (जैसे खीर, मालपुआ) का भोग लगाएं।
  5. ​हवा में गुलाल उड़ाकर खुशियां मनाएं, ताकि सकारात्मक ऊर्जा आपके घर में प्रवेश करे।

​अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. रंग पंचमी और होली में क्या अंतर है? होली बुराई पर अच्छाई की जीत (होलिका दहन) का प्रतीक है, जबकि रंग पंचमी आध्यात्मिक शुद्धि और देवताओं के स्वागत का पर्व है।

Q2. क्या रंग पंचमी पर व्रत रखा जाता है? जी हाँ, कई लोग इस दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए व्रत भी रखते हैं।

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